जयपुर। INDIAN RAILWAY में अब पिता के स्थान पर परिवार का कोई और सदस्य नौकरी (JOB) नहीं पा सकेगा। इंडियन रेलवेज में लिबरलाइज्ड एक्टिव रिटायरमेंट स्कीम फॉर गारंटेड एम्प्लॉयमेंट फॉर सेफ्टी स्टाफ (लार्जेस) को अब रेल मंत्रालय ने बंद कर दिया है। इससे इंडियन रेलवे के सभी 17 जोन से जुड़े मंडलों में पिता के स्थान पर बेटे को नौकरी नहीं मिल सकेगी। इस बारे में रेलवे बोर्ड ने 29 नवंबर को आदेश जारी किए हैं। इसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, जोधपुर, अजमेर, व बीकानेर मंडल में भी ये योजना बंद हो चुकी है। इंडियन रेलवे में 2004 में सेफ्टी से जुड़ी दो कैटेगरी ट्रेन ड्राइवर (लोको पायलट) व ट्रैकमैन पद पर जिनकी नौकरी 20 वर्ष की हो चुकी हो उनके बेटों को नौकरी देने की घोषणा की गई थी। इसके तहत भर्ती शुरू हो चुकी थी। आठवीं और 10वीं पास आश्रित को नौकरी रेल कर्मचारी संगठनों की मांग पर सेफ्टी से जुड़े अन्य 26 कैटेगरी के कर्मचारियों के आश्रितों को भी पिता के स्थान पर नौकरी देने के लिए लार्जेस स्कीम की घोषणा साल 2010 में कर दी गई। इस योजना के तहत पहले रेलकर्मी के 8वीं पास बाद में 10वीं पास आश्रित...
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