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चोरहटा हवाई पट्टी को मिली बड़ी सौगात | REWA NEWS

रीवा। चोरहटा हवाई पट्टी के उन्यन्न का कार्य पूरा हो गया है। अब हवाई सेवा प्रांरभ करने की कवायद तेज हो गई है। यहां जल्द जी-२० जैसे विमान उतर सकेंगे।  रीवा में हवाई यात्रा को बेहतर बनाने के लिए २ करोड़ रुपए की लागत से हवाई पट्टी का उन्नयन किया गया है। अब हवाई पट्टी की लंबाई 1400 मीटर हो गई है। इसके पहले हवाई पट्टी की लंबाई 12 सौ मीटर होने के कारण छोटे व निजी विमान ही उड़ान भर रहे थे। अब यहां से जी-२० तक के विमान उड़ानभर सकेंगे।  रीवा में ह्वाइट टाइगर सफारी प्रांरभ होने के बाद हवाई यात्रा प्रांरभ होने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। वहीं, मुम्बई, दिल्ली के साथ अन्य राज्यों के सेवा मिलने लगेगी।  हेलीपैड काम भी पूरा - हवाई पट्टी के उन्नयनन के साथ ही हैलीपैड के सुधार का कार्य भी पूरा हो गया है। हैलीपैड की गिट्टी उखडऩे के कारण इसका मरम्मत कराया गया है। काम हो गया है पूरा   लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण हवाई पट्टी का उन्नयन का काम पूरा हो गया है। अब यहां से जी 20 जैसे हवाई जहाज उतर सकेंगे। जल्द चालू होगी उड़ाने जिले में हवाई पट्टी...

आ गया पतंजलि सिम कार्ड, 144 रुपये में अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ दो जीबी डेटा

योग गुरु बाबा रामदेव ने अब टेलीकॉम सेक्टर में भी प्रवेश कर लिया है,योग गुरु बाबा रामदेव ने बीएसएनएल के साथ मिलकर सिम लांच किया है अभी इस सिम का फायदा पतंजलि के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को मिलेगा। बाबा रामदेव ने पतंजलि स्वदेशी समृद्धि कार्ड भी लॉन्च किया। बाबा रामदेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा भी की। बाबा ने कहा कि पतंजलि ओर बीएसएनएल मिलकर देश मे स्वदेशी नेटवर्क को मजबूत करने का काम करेंगे। 144 रुपए में कीजिए अनलिमिटेड बात : खबरों के अनुसार पतंजलि के कर्मचारियों को 144 रुपए की कीमत में दो जीबी डाटा अनलिमिटेड कॉल सहित हेल्थ एक्सीडेंटल ओर डेथ में इस सिम के जरिए इंश्योरेंस भी दिया जाएगा। इसके तहत दुर्घटना के दौरान ढाई लाख और मृत्यु पर पांच लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। योग गुरु ने इस दौरान देश की स्वदेशी बीएसएनएल कम्पनी के प्रॉफिट को देश के हित में लगने की बात कही। मोदी सरकार चार साल के कार्यकाल की तारीफ करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि मोदीजी से लोगों को बहुत अपेक्षा है। मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय नेता अच्छा कार्य कर रहे हैं। ...

अध्यापक अब भी शिक्षक नहीं बने, शिवराज ने कटोरी में चांद थमा दिया || MP NEWS

भोपाल।  29 मई को कैबिनेट मीटिंग के बाद जो खबर बाहर आई उसके अनुसार अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया गया है एवं अब वो शिक्षक कहलाएंगे परंतु ऐसा नहीं हुआ। असल में जो कुछ हुआ है वो ठीक वैसा ही है जैसे बच्चों को कटोरी में चांद दे दिया जाता है। बच्चे को लगता है कि चांद उसकी संपत्ति हो गया जबकि ऐसा कुछ होता नहीं है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस बार नियम कुछ इस तरह के बने हैं कि प्रमोशन के लिए अध्यापकों को पहाड़ी से किले तक कच्चे सूत पर चलकर जाना होगा, जो पहुंच गया वो प्रमोट नहीं तो घायल।  आजाद अध्यापक संघ के गुना के पदाधिकारी नरेंद्र भारद्वाज और राजमणि दुबे बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने अध्यापक सवंर्ग के साथ एक बार फिर धोखा किया है। सातवां वेतनमान और षिक्षा विभाग की मांग पर सरकार ने अध्यापकों को तीसरी बार नया पदनाम दे दिया। अब आशंका है कि शिक्षक संवर्ग डाइंड कैडर में ही रहेगा। समान कार्य समान वेतन की मांग का नए कैडर में मखौल उड़ा दिया गया। अपने साथ हुए इस छलावे से अध्यापकों में आक्रोश है। पिछले बीस साल से आंदोलनरत अध्यापकों को इस बार सरकार से बड़ी उम्मीद...

रीवा के गौरव WEIGHT LIFTER मुकेश त्रिपाठी ने देश को दिलाया BRONZE || REWA NEWS

रीवा ।  विन्ध्य क्षेत्र के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सफलताएं अर्जित की हैं। तैराकी में कैप्टन बजरंगी प्रसाद से लेकर क्रिकेट में ईश्वर पाण्डेय तक कई नाम इसमे शामिल हैं। इस शानदार परम्परा को रीवा के गौरव भारोत्तोलक मुकेश त्रिपाठी ने आगे बढ़ाया है। उन्होंने राजस्थान के उदयपुर में आयोजित एशियाई भारोत्तोलन प्रतियोगिता में भारत को कांस्य पदक दिलाया है। इस प्रतियोगिता में 18 देशों के 300 से ज्यादा भारोत्तोलकों ने भाग लिया। इस सफलता पर उद्योग, वाणिज्य तथा खनिज मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शासकीय आवास भोपाल में आयोजित समारोह में श्री त्रिपाठी का सम्मान किया।  श्री त्रिपाठी रीवा जिले के ग्राम छिपिया के निवासी हैं। बचपन से ही उनका रूझान खेलों की ओर था। उन्होंने भारोत्तोलन में अपना भाग्य आजमाया। कठिन परिश्रम तथा कुशल खेल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उनके खेल में निखार आता गया। उन्होंने वर्ष 2017 से मंत्रालय स्पोर्ट क्लब भोपाल में प्रशिक्षण आरंभ किया। उन्हें संजय सक्सेना द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके पहले श्री त्रिपाठी में व्हीकल हेल्थ क...

अध्यापकों के संघर्षों का नतीजा संविलियन पर लगी कैबिनेट की मुहर || REWA NEWS

वर्षों बाद जिले के करीब साढ़े पांच हजार अध्यापक होंगे लाभान्वित रीवा । शिक्षा विभाग में अध्यापकों के संविलियन पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अध्यापकों में एक ओर जहां खुशी की लहर दौड़ गई है। वहीं दूसरी ओर अध्यापक परेशान भी हैं। करीब 24 वर्षों बाद अध्यापक शिक्षा विभाग के अंग बन सकेंगे। कैबिनेट में अध्यापकों के संविलियन का निर्णय मंजूर किए जाने के बाद यहां अध्यापकों के विभिन्न संगठनों ने हर्ष व्यक्त किया है। लेकिन पदनाम में परिवर्तन की खबर से मायूस भी हैं। दूसरे विभागों से संबद्ध रहे अध्यापक  शिक्षा अधिकारियों के मुताबिक शासन स्तर से इस बावत आदेश जारी होने के बाद यहां जिले के करीब साढ़े पांच हजार अध्यापक शिक्षक बनेंगे। अभी तक अध्यापक जिला पंचायत व नगर निगम के तहत अंतर्गत आते रहे हैं। शिक्षा विभाग में संविलियन के बाद अध्यापक शिक्षक संवर्ग में शामिल होंगे। शिक्षा विभाग से उन्हें वह सभी सुविधाएं मिलने लगेंगी, जो शिक्षकों को मिलती रही हैं। निर्णय पर मप्र. शासकीय अध्यापक संगठन व आजाद अध्यापक संघ सहित अन्य अध्यापक संगठनों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। पदनाम बदले जाने की चर...

शिवराज ने लिटिल-लिटिल दिग्गी-कमल को झटका दिया, टोटल कांग्रेस के 10 लाख वोट चुराए || MP NEWS

भोपाल।  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज हुई कैबिनेट मीटिंग में अध्यापकों के संविलियन से संबंधित जो फैसला लिया गया है, चुनावी राजनीति के हिसाब से यह एक फैसला है जिसने दिग्विजय सिंह और कमलनाथ को एक साथ झटका दिया और अब तक कांग्रेस के खाते में दर्ज 10 लाख वोट चुरा लिए। 2.37 लाख अध्यापक और उनके परिवार इस बार गंगाजल उठाकर शिवराज सिंह विरोधी हो गए थे। आज शिवराज सिंह की जय-जयकार करते नजर आ रहे हैं।  पूरे प्रदेश याद किए गए दिग्विजय सिंह के जुल्म कैबिनेट मीटिंग में इस फैसले की खबर जैसे ही बाहर आई, सोशल मीडिया पर मप्र की टॉप ट्रेंडिंग बन गई। मध्यप्रदेश के हर गांव-शहर से 23 साल के संघर्ष ​को याद किया गया। बता दें कि ये वही संवर्ग है जिसे दिग्विजय सिंह सरकार ने शिक्षाकर्मी नाम दिया था। वेतन के नाम पर 500 रुपए प्रतिमाह तय किया गया था। 2003 में आत्मविश्वास से लवरेज दिग्विजय सिंह की शर्मनाक हार के प्रमुख कारणों में यह भी एक था।  शिवराज सिंह ने कमलनाथ की खिचड़ी लूट ली 2003 में भाजपा ने शिक्षाकर्मियों ने वादा किया था कि उनकी मांगें पूरी की जाएंगी। तब स...

कमलनाथ अब अध्यापक छोड़ संविदा कर्मचारियों को लुभाने में लगे || MP NEWS

भोपाल।  बड़े जतन करके कमलनाथ ने खुद को अध्यापकों की उम्मीद की एकमात्र किरण साबित किया था। मीटिंग्स हुईं, सम्मेलन हुए। वादे किए, जय जयकार करवाई। उम्मीद थी कि जब छत्तीसगढ़ में संविलियन नहीं हो पाया तो मप्र में कैसे होगा लेकिन सीएम शिवराज सिंह ने एक झटके में सारा खेल ही पलट गया। कमलनाथ भी कम नहीं हैं। उन्होंने शाम 5 बजे अध्यापकों को छोड़ा और 6 बजे संविदा कर्मचारियों को लुभाने में लग गए। पिछले दिनों संविदा कर्मचारियों ने राजनीति में खलबली मचा देने वाला आंदोलन किया था पंरतु कमलनाथ ने उन्हे 10 मिनट का वक्त तक नहीं दिया अब बयान जारी किया है कि शिवराज ने संविदा कर्मियों के साथ धोखा किया।  पढ़िए कमलनाथ का पूरा बयान प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि आज कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण न कर ढाई लाख संविदा कर्मचारियों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने कई बार नियमितीकरण को लेकर उन्हें आश्वस्त किया और झूठे वायदे किए। इस आश्वासन और झूठे वायदे पर संविदाकर्मी नियमितीकरण की मांग पूरी होने का इंजतार कर रहे ...