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रीवा : सांसद-विधायक निधि फर्जीवाड़े की जांच शुरू

रीवा। सड़क बनाने के नाम पर सासंद और विधायक निधि में बंदरबाट करने वाले अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मामले में सासंद जर्नादन मिश्रा सहित अन्य शिकायत की थी कि जनप्रतिनिधियों के अनुमोदन किए बगैर निधि का पैसा जारी कर घोटाला किया गया है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग के चीफ टेक्निकल आफीसर (सीटीओ) दीपक असाई रीवा पहुंचे। उन्होंने लोक पीडब्ल्यूडी कार्यालय में दस्तावेज खंगाले, इसके बाद कार्यों का भौतिक निरीक्षण भी किया। इस दौरान अधीक्षण यंत्री और एसडीओ मौजूद रहे।  गौरतलब है कि जिले में सासंद निधि से बायपास से अल्लाबक्स के घर तक सड़क निर्माण बताकर 16 लाख रुपए राशि का भुगतान किया गया है। दिलचस्प है कि इन सड़कों का पहले वर्क आर्डर जारी हो गया है, इसके बाद विज्ञापन प्रकाशित हुआ, जबकि सासंद द्वारा कार्य प्रस्तावित नहीं होने के बाद जिला योजना से लोकनिर्माण विभाग को राशि आवंटन नहीं मिला। इसके बाद भी भुगतान हो गया है। इसका खुलासा होने पर सांसद ने शिकायत की थी।  इसी तरह पिछले तीन सालों में विधायक निधि से 75 कार्यों में व्यापक स्तर का बंदरबांट हुआ है, जबकि ये कार्य विधायक निधि से प्रस्तावित नहीं किए और न ही इसके लिए विभाग को निधि दी।इसके बावजूद लोक निर्माण विभाग ने विधायक निधि से कार्य स्वीकृत बताकर भुगतान कर दिया है।  पांच का आवंटन, 26 का भुगतान जिला योजना समिति ने रीवा विधायक द्वारा अनुमोदित पांच कार्यों के लिए राशि लोक निर्माण विभाग को राशि जारी की है। इसके बावजूद विभाग ने एक ही ठेकेदार को 26 कार्यों का वर्क आर्डर विधायक निधि से जारी कर दिया है। इसके बाद भुगतान भी कर दिया है। सूत्रों के अनुसार पूरी राशि लोक निर्माण विभाग ने एआर मद से खर्च की है।  मौके पर नहीं हुआ कार्य विधायक निधि एवं सासंद निधि से जिन ग्रेवल सड़कों का निर्माण बताकर विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों ने राशि आहरित की है। इनमें से कई सड़कों का कार्य मौके पर हुआ ही नहीं है। इसके बाद भी राशि आहरित हो गई। 

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