खरगोन का 600 साल पुराना बाकी माता मंदिर देश का एकमात्र मंदिर है, जहां नवरात्री के दौरान एक अनूठी परंपरा का पालन किया जाता है. इस मंदिर में केवल पुरुष की गरबा करते हैं. यहां महिलाओं और युवतियों के गरबा करने की परंपरा नहीं है. हालांकि उन पर कोई प्रतिबंध नहीं है, लेकिन परंपरा के पालन के लिए यहां सिर्फ पुरुष ही गरबा करते हैं.
जानकारी के अनुसार खरगोन मेें बाकी माता मंदिर में केवल पुरुष ही गरबे करते हैं. यहां महिलाओं और युवतियों के गरबा करने की परंपरा नहीं है. महिलाएं और युवतियां यहां सिर्फ गरबा देखने आती हैं. करीब 600 सौ वर्ष प्राचीन इस मंदिर में नवरात्री में आरती के पहले प्रतिदिन पुरुषों द्वारा सात गरबे करने की अनूठी परंपरा चली आ रही है.
बाकी माता मंदिर में माता के नौ रूपों की प्रतिमाएं एक साथ पीपल के वृक्ष के चारों ओर विराजित हैं. मूर्तियों के सामने पुरुषों द्वारा गरबे किये जाते हैं और बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां गरबो का आनंद लेने दूर-दूर से आती हैं. फूहड़ता और विदेशी संस्कृति से दूर इन गरबों में मां के प्रति सच्ची आस्था दिखाई देती है. खास बात यह है, कि यहां पुरुष श्रद्वालु डांडियों के बजाय हाथों से ताल से ताल मिलाकर झूमते हुए पूरी श्रद्धा आस्था के साथ गरबे करते हैं.

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