सरकार के अन्य विभागों की तरह हमें भी 2016 से सातवें वेतनमान और पेंशन की सुविधा दी जाए। पेंशनर्स को पहले की तरह बिजली बिल में छूट का लाभ दिया जाए। तकनीकी एवं गैर तकनीकी मस्टर रोल, दैनिक वेतन भोगी, वर्कचार्ज की नियमित भर्ती प्रारंभ की जाए। साथ ही संविदा मीटर रीडरों को नियमित कर फे्रंच बेनीफिट पुनरीक्षित किया जाए। यह मांग शुक्रवार को पूर्व क्षेत्र बिजली कर्मचारी जनता यूनियन के पदाधिकारियों ने संभागायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में की है। इससे पहले अमहिया स्थित पावर हाउस में एक सभा कर रैली भी निकाली गई।
बर्दाश्त नहीं करेंगे शोषण
पावर हाऊस कार्यालय परिसर में एकत्रित बिजली कर्मचारी जनता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पटेल, महासचिव एमएल चौकसे, पावर जनरेटिंग यूनियन के केएल चंदेल, एनपी मिश्रा, प्रदेश प्रवक्ता मोहन अग्रवाल, पीएन नामदेव सहित अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली कर्मचारी विभाग का कामकाज करने के साथ ही आम जनता को भी रोशनी देने में लगे हुए हैं। लेकिन कर्मचारियों के हितों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। बार-बार ध्यान आकृष्ट कराने के बाद भी सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है।
तेज करेंगे आंदोलन
यही वजह है कि आज रीवा, सीधी, सिंगरौली, सतना, मैहर, बैढ़न, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर आदि क्षेत्रों के कर्मचारी एकत्र होने के लिए मजबूर हुए हैं। उनकी मांगों को सरकार अनदेखा करेगी तो बिजली कर्मचारी अपना आन्दोलन तेज करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस दौरान नरेन्द्र त्रिपाठी, जेएल त्रिपाठी, बीडी शर्मा,बीके द्विवेदी, नीरज पाण्डेय, आरएस शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
फोटो- 12-13, कार्यालय परिसर में मौजूद संघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रैली निकालकर कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

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