सीधी।
बिना लाइसेंस भरमार बंदूक रखने पर कोर्ट ने आरोपी को तीन साल कैद की सजा सुनाई है। बताया गया है कि 17 जनवरी 2016 को आरोपी बाबू उर्फ राजशरण सिंह तथा सहदेव सोंधिया दोनों निवासी ग्राम गजरही कोठार थाना बहरी को बिना लाइसेंस देशी भरमार बंदूक लेकर घूमते पकड़ा गया था। मामले में शासन की ओर से रीना सिंह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने पैरवी करते हुए मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया। जिसके आधार पर आरोपी को न्यायालय द्वारा आयुध अधिनियम की धारा 25 (1) (बी) में दोषी माना गया। न्यायालय राजेंद्र अहिरवार जेएमएफसी ने आरोपी को 3 साल कैद और 2000 रूपए के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
मारपीट के आरोपियों को 6-6 माह की कैद
गत 23 नवम्बर 2013 को ग्राम नदहा कुलचुहिया थाना मझौली में उर्मिला प्रसाद मिश्रा बगैरह ने मिलकर मुन्नी गुप्ता एवं शैलेंद्र गुप्ता के साथ गाली-गलौच करते हुए लाठी एवं डंडे से मारपीट की थी। प्रकरण में शासन की ओर गोपालजी सिंह सहायक जिला अभियोजन अधिकारी मझौली ने अभियुक्तों के विरूद्घ मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया। जिसके आधार पर आरोपियों को न्यायालय द्वारा दोषी माना गया। न्यायालय मुनेंद्र सिंह वर्मा जेएमएफसी मझौली के न्यायालय ने आरोपियों को धारा 325 में 6-6 माह और धारा 323 में 3-3 माह कैद के साथ एक-एक हजार रूपए के अर्थदण्ड से दण्डित किया।
मारपीट के आरोपियों पर लगाया पांच-पांच सौ रुपए जुर्माना
गत 2 नवम्बर 2012 को ग्राम डिहुली में मिठाईलाल गुप्ता, संगीता गुप्ता बदमिया गुप्ता सभी निवासी ग्राम डिहुली ने मिलकर जिरेंद्र गुप्ता के साथ मारपीट की थी। जिससे जिरेंद्र को काफी चोटें आई थीं। शासन की ओर मुकेश अभिनंदन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी चुरहट ने अभियुक्त के विरूद्घ मामला संदेह से परे प्रमाणित कराया। जिसके आधार पर आरोपी को न्यायालय द्वारा दोषी माना गया। परिणाम स्वरूप न्यायालय मुकेश गुप्ता जेएमएफसी चुरहट के न्यायालय ने आरोपियों को 500-500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया। अपर्याप्त दंडादेश के विरूद्घ अपील हेतु प्रकरण का परीक्षण किया जाएगा।

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