वर्ष 1985~85 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने शुरू की थी नई व्यवस्था
शासन के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 1985~85 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन ङ्क्षसह ने गरीबों को पट्टा वितरण की व्यवस्था शुरू की थी। तब से लेकर अब तक आबादी रजिस्टर पर भूखंडधारकों के रिकार्ड अपडेट नहीं किए गए। सप्ताहभर पूर्व आबादी में वितरण किए गए पट्टों की जानकारी आरसीएमस पर कलेक्टर ने चेक कराई तो पता चला कि रीवा जिले में मात्र छह पट्टा वितरण की जानकारी थी। कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों से पट्टाधारकों की जानकारी आरसीएमएस पर दर्ज के निर्देश दिए हैं।
पटवारियों को ढूंढे नहीं मिल रहे अभिलेख
जिले में 462 पटवारी हल्के हैं। इसमें करीब 30 फीसदी से ज्यादा हल्का पटवारियों को अपने बस्ते में आबादी रजिस्टर का अभिलेख नहीं मिल रहा है। कई पटवारी आबादी के भूखंडधारकों के प्रमाण-पत्र के आधार पर अभिलेख तैयार करने में जुटे हैं।
कोताही बर्दास्त नहीं
कलेक्टर ने आबादी रजिस्टर के आधार पर गरीबों को अब तक बांटे गए आवासीय जमीन के पट्टे की जानकारी अपडेड करने के लिए एक सप्ताह की डेडलाइन तय की है। चेतावनी दी है कि समय-सीमा मेें आवासीय पट्टे का रिकार्ड ऑनलाइन दर्ज किया जाए। लापरवाही पर अधिकारियों की जिम्मेदारी जवाबदेही तय की जाएगी।
फैक्ट फाइल तहसील आरएसीएम पर दर्ज पटï्टे की संख्या नईगढ़ी 123 हनुमना 467 जवा 47 गुढ़ 184 त्योंथर 301 मऊगंज 256 सेमरिया 329 रायपुर कर्चुलियन 276 सिरमौर 684 हुजूर 414 मगनवां 292

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