सीधी। देश में सोशल मीडिया के स्तर पर वायरल हुए भारत बंद को एक ओर जहां सपाक्स जैसे महत्वपूर्ण संगठनों ने नजरअंदाज किया वहीं प्राप्त सूचना के मुताबिक, सीधी जिले में जिला कोर्ट और कलेक्ट्रेट के पास रॉयल राजपूत संगठन और वकीलों के बीच जबरदस्त बहसबाजी और गहमागहमी के दौरान जमकर झड़प हुई जिससे पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ी, आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े। लाठीचार्ज में एक मीडिया प्रतिनिधि शिवपूजन उपाध्याय के सिर में चोटे लगी हैं जबकि कुछ और मीडियाकर्मी घायल हुए हैं। हालांकि सीधी में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है। पुलिस के लाठीचार्ज में घायलों को जिला चिकित्सालय में भेजा गया है।
यहां व्यापारियों का भी मिला समर्थन
बताया जा रहा है कि भारत बंद के आवाहन में आज सीधी जिले की 90 प्रतिशत तक दुकानें बंद हैं और व्यापारिक वर्ग द्वारा इसे महत्वपूर्ण समर्थन दिया गया है। वहीं हिंसा की घटनाओं के बीच पुलिसकर्मियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के चारो ओर घेरा बना लिया ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति का सामना न करना पड़ जाए। सतना के अमौंधा में 2 अप्रैल को हुए बंद के बाद इसी तरह की एक घटना में अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित कर दिया गया था जहां पुलिस की तत्परता से मामले को तुरंत शांत करवा दिया गया और नई प्रतिमा स्थापित की गई।
गश्त में एसपी-कलेक्टर
वहीं भारत बंद के आवाहन के बीच सुबह से ही रीवा और सतना में एसपी और कलेक्टर प्रमुख चौराहों और बाजारों में गश्त करते रहे। रीवा एसपी ललित शाक्यवार एवं कलेक्टर प्रीति मैथिल ने जहां शिल्पी प्लाजा, अस्पताल चौक का पैदल भ्रमण किया वहीं सतना के अधिकारी द्वय भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। किसी तरह ही अप्रिय वारदात न होने पाए इसके लिए विशेषज्ञों के द्वारा पुलिस कंट्रोल रूप से भी सोशल मीडिया और मार्केट पर नजर रखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर बैन
गौरतलब है कि सरकार ने किसी भी तरह की अप्रिय वारदात के लिए पहले ही कलेक्टर और एसपी पर जिम्मेदारी तय कर दी थी। एमपी में जबलपुर सहित ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, दतिया में सभी तरह के सोशल मीडिया माध्यमों पर आज पूरी तरह का बैन है।

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