भोपाल | दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। मानसून के 11 जून को दक्षिणी मप्र में दस्तक देने की पूरी संभावना है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार मानसून की आहट मिलते ही राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई स्थानों पर मानसून पूर्व की गतिविधियों में इजाफा होने लगा है।
मालवा-निमाड़ में तेज हवाओं के साथ बौछारें, प्री-मानूसन की बारिश में भीगा भोपाल
शुक्रवार को भोपाल में 80 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ीं। इसी क्रम में रविवार से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा चलने के साथ ही बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू होने के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के 24 घंटे में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा से और आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। अगले 48 से 72 घंटे के दौरान मानसून दक्षिण गुजरात, दक्षिण मप्र, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्से को छू सकता है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव ने बताया कि रविवार से इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद संभाग के जिलों में प्री-मानसून एक्टिविटी के तहत बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो सकता है। इस दौरान राजधानी भोपाल में भी पानी गिरने के आसार हैं।
महाकोशल-विंध्य में प्री मानसून ने दस्तक दे दी है। शनिवार दोपहर बाद मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, उमरिया और कटनी आधे से एक घंटे तक झमाझम बारिश हुई है। अनूपपुर में सुबह 10 बजे, सतना, पन्ना में दोपहर 2 बजे के बाद हल्की बारिश हुई वहीं बालाघाट, डिंडौरी, शहडोल व दमोह में बादल छाए है और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। सतना में गाज गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि छह लोग घायल हो गए। नरसिंहपुर के ग्वारी गांव में ओले गिरे। अंचल के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई। बालाघाट, पन्ना, कटनी व रीवा में तापमान 40 डिग्री से ज्यादा रिकार्ड किया गया।
सिवनी मंडी में रखा अनाज भीगा
दोपहर करीब 3 बजे से एक घंटे की झमाझम बारिश हुई। जिले के घंसौर स्थित मंडी में हजारों क्विंटल चना और मसूर भीग गया। यहां बारिश से भीगा करीब पांच क्विंटल चना सड़ने की कगार पर आ गया है। मुख्यालय स्थित सिमरिया कृषि उपज मंडी में भी खुले में रखा चना और मसूर के अलावा गेहूं भीगने की खबर है। छपारा में जोरदार बारिश से कई बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई।
दोपहर करीब 3 बजे से एक घंटे की झमाझम बारिश हुई। जिले के घंसौर स्थित मंडी में हजारों क्विंटल चना और मसूर भीग गया। यहां बारिश से भीगा करीब पांच क्विंटल चना सड़ने की कगार पर आ गया है। मुख्यालय स्थित सिमरिया कृषि उपज मंडी में भी खुले में रखा चना और मसूर के अलावा गेहूं भीगने की खबर है। छपारा में जोरदार बारिश से कई बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई।
अधूरी नाली निर्माण और पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कई घरों में पानी घुसने के कारण लोगों में आक्रोश देखा गया। दिन भर तीखी उमस के बाद दोपहर बाद जिले के कई स्थानों पर करीब आधा-पौन घंटे तेज बारिश रही, जिससे जिले की सभी प्रमुख मंडियों में समर्थन मूल्य पर चल रही अनाज की खरीदी के कार्य में व्यवधान रहा।
हजारों क्विंटल अनाज मंडियों में बारिश की चपेट में आया। गोटेगांव में खुले में फर्श पर लगे अनाज का ढेर भी पानी के बहाव में बह गया, जिसे बाद में किसानों ने झाड़ुओं के सहारे सुरक्षित किया। नरसिंहपुर, गोटेगांव के अलावा गाडरवारा, तेंदूखेड़ा और करेली में भी बारिश से नुकसान हुआ।

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