सतना। प्रदेश सरकार ने 1.84 लाख संविदा कर्मचारियों के लिए नया फार्मूला बना लिया है। इसके अनुसार इन अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के न्यूनतम 90 फीसदी वेतन मिलेगा। कैबिनेट में लिए गए फैसले के बाद शासन ने नए नियमों का खाका भी बना लिया है, इसमें नियमित पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा देने का प्रावधान शामिल है।
संविदा महासंघ नाखुश कहा- 15-20 साल वालों का क्या होगा?
प्रदेश सरकार द्वारा तय नियमों एवं वेतन फार्मूले से संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ नाखुश हैं। संविदा महासंघ के नेताओं का कहना है कि इसमें वरिष्ठता को तवज्जो ही नहीं दी गई। 15-20 साल से कार्यरत व नए कर्मचारियों को एक समान वेतन वरिष्ठता के आधार पर तय करना चाहिए, जो इतने वर्षों से काम कर रहे थे, उन्हें नियमित पदों के विरूद्ध काम कर रहे थे, कम से कम उन्हें तो रेगुलर कर देना था।
प्रदेश सरकार द्वारा तय नियमों एवं वेतन फार्मूले से संविदा अधिकारी-कर्मचारी महासंघ नाखुश हैं। संविदा महासंघ के नेताओं का कहना है कि इसमें वरिष्ठता को तवज्जो ही नहीं दी गई। 15-20 साल से कार्यरत व नए कर्मचारियों को एक समान वेतन वरिष्ठता के आधार पर तय करना चाहिए, जो इतने वर्षों से काम कर रहे थे, उन्हें नियमित पदों के विरूद्ध काम कर रहे थे, कम से कम उन्हें तो रेगुलर कर देना था।
सरकार ने हड़ताल के बाद काम पर लौटने को कहा था व नियमितीकरण मांग को लेकर पूरा करने का वादा किया था, वह नहीं किया। तीन बदला मसौदा- संविदा अधिकारी-कर्मचारियों के लिए यह कवायद तीन महीनने से चल रही थी, इसके लिए जीएडी ने तीन बार मसौदा बदला। पिछली कैबिनेट में ही अंतिम मसौदा रखा गया।
किस श्रेणी के कर्मचारियों के लिए क्या होगा नया वेतन
श्रेणी नियमित पद संविदा के लिए
प्रथम 67300.00 60570.00
79900.00 71910.00
123100.00 110700.00
द्वितीय 36200.00 32580.00
42700.00 38430.00
49100.00 44190.00
56100.00 50490.00
तृतीय 18000.00 16200.00
19500.00 17550.00
22770.00 19890.00
25300.00 22770.00
28700.00 25830.00
32800.00 29520.00
चतुर्थ 15500.00 13950.00
16100.00 14490.00
संविदा कर्मियों को नहीं मिलेगी ये सुविधाएं- इन कर्मचारियों को मंहगाई भत्ता, मकान किराया, वाहन भत्ता, ग्रेज्युटी, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल रिवाइसमेंट, एक्सग्रेसिया जैसी कोई भी सुविधा संविदा कर्मचारियों को नहीं मिलेगी।

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