विदिशा। लोकायुक्त पुलिस, भोपाल ने दावा किया है कि उसने विदिशा जिले के शमसाबाद में पदस्थ नायब तहसीलदार श्याम नारायण सिंह राजपूत को 5000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। ये रिश्वत उन्होंने फरियादी से कंप्यूटर में गलत प्रविष्टि सुधारने की एवज में मांगी थी। लोकायुक्त पुलिस ने नायब तसहलदार श्याम नारायण सिंह राजपूत के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। इस मामले में दोषी पाए जाने पर अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा एवं 6 साल जेल की सजा भी हो सकती है।
दर्ज शिकायत के अनुसार आरोपी नायब तहसीलदार ने फरियादी कमलेश शर्मा निवासी भन्नाखेड़ा शमसाबाद जिला विदिशा से ये रिश्वत मांगी थी, फरियादी की निजी कृषि भूमि की प्रविष्टि राजस्व विभाग में गलत दर्ज हो गयी है, जिसमें सुधार करने के लिए पीड़ित ने नायब से फरियाद की थी, बस इसी काम की एवज में उसने पांच हजार रुपए की डिमांड कर दी थी। रिश्वत की डिमांड के बाद फरियादी ने लोकायुक्त भोपाल से 31/05/2018 को शिकायत की थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक भोपाल ने टीम भेजकर कार्रवाई कराई, जिसमें नायब तहसीलदार रंगे हाथों धरा गया।
गलती विभाग की फिर भी रिश्वत मांगी
इस मामले में चौंकाने वाली बात तो यह है कि गलती राजस्व विभाग की ओर से की गई थी। विभाग को क्षमायाचना के साथ भूल सुधार करना चाहिए था। पीड़ित को मुआवजा भी दिया जाना चाहिए पंरतु मप्र का सरकारी सिस्टम देखिए। राजस्व विभाग के अधिकारी ने अपनी ही गलती को सुधारने के लिए रिश्वत मांगी।

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