इंदौर। अगस्त 17 में एक नाबालिग लड़की का अपहरण हुआ। 2 हफ्ते बाद पुलिस ने अपहरणकर्ता को गिरफ्तार किया गया। लड़की को मुक्त कराया। जेल से छूटने के बाद बदमाश ने फिर लड़की का अपहरण किया, 8 माह तक बंधक बनाकर रखा, रेप किया। 13 मई को पुलिस ने लड़की को तो मुक्त करा लिया लेकिन बदमाश को गिरफ्तार नहीं किया। 10 दिन बाद बदमाश फिर घर में घुस आया और चाकू की नौक पर लड़की को उठाकर ले गया। अब पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से भी इंकार कर दिया है। लड़की की मां ने डीआईजी से इस मामले की शिकायत की है।
द्वारकापुरी निवासी 58 वर्षीय महिला ने शुक्रवार को डीआईजी से लिखित शिकायत की है। महिला ने बताया गुंडा पवन (42) पिता चंपालाल प्रजापत निवासी जर्दाखेड़ी (मंदसौर) अपने साथी तूफान सिंह ठाकुर निवासी सांवेर, फूलसिंह बंजारा निवासी मंदसौर के साथ मिलकर 23 मई को उसकी 17 वर्षीय बेटी का अपहरण कर ले गया। वह शिकायत करने गई तो पुलिस ने आवेदन लेकर भगा दिया। महिला ने बताया उसकी बेटी 11वीं की छात्रा है।
पहले भी 2 बार कर चुका है किडनैप और रेप
गुंडे ने अगस्त 2017 में भी बेटी का अपहरण किया था। शिकायत के बाद तब पुलिस ने दो हफ्तों में बेटी को मंदसौर से बरामद कर आरोपित को जेल भेज दिया था। डेढ़ महीने बाद वह जेल से छूटकर आया और फिर चाकू की नोंक पर बेटी का अपहरण कर ले गया। करीब आठ महीने तक बेटी उसके साथ रही। इसके बाद पुलिस ने छापा मारा और 13 मई को बेटी को बरामद कर लिया, लेकिन गुंडा फरार हो गया।
नाबालिग को दो माह का गर्भ
पुलिस ने एमवाय अस्पताल में बेटी की मेडिकल जांच कराई तो पता चला कि वह गर्भवती है। उसका इलाज भी चल रहा था। लेकिन 23 मई को गुंडा अपने साथियों के साथ फिर घर आया और जान से मारने की धमकी दी। गर्दन पर चाकू अड़ाकर बेटी को जबरन उठा ले गया। नाबालिग की मां का आरोप है कि अगर आरोपित के खिलाफ सही कार्रवाई की जाती को वह दोबारा यह हरकत नहीं करता। आरोपित के साथी आए दिन घर आकर धमकाते हैं। द्वाराकपुरी टीआई देवेंद्र कुमार के मुताबिक आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण का केस दर्ज है। उसकी तलाश की जा रही है।
टीम उसे तलाश रही है
कोर्ट में पीड़िता के पिता ने शपथ पत्र लिखकर कर दिया था। इस वजह से गुंडे की जमानत हो गई थी। आरोपित पीड़िता का रिश्तेदार है। दो बार पहले भी पीड़िता को पुलिस बरामद कर चुकी है। शिकायत के बाद पुलिस टीम उसे पकड़ने गई थी, लेकिन नहीं मिला। आरोपित के खिलाफ केस दर्ज है।
वाहिनी सिंह, एएसपी

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