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खूबसूरत दिखने वाली इस दारोगा की खुली पोल, जानें ऐसा क्या किया इसने

फैजाबाद. यूपी के फैजाबाद में वाहन चेक‍िंग के दौरान पुल‍िस ने एक फर्जी मह‍िला दारोगा को अरेस्ट क‍िया है। लड़की दारोगा की वर्दी में ब‍िना हेलमेट स्कूटी से जा रही थी। चेक‍िंग के दौरान पुल‍िस ने पूछताछ की तो सारे जवाब फर्जी न‍िकले। जांच के दौरान उसके रूम से दारोगा की फर्जी वर्दी, आईकार्ड, नेम प्लेट आद‍ि बरामद क‍िए गए हैं। आगे पढ़‍िए पूरा मामला... - दरअसल, 2 दिन पहले यूपी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने न‍िर्देश द‍िया था क‍ि पुलिसकर्मियों के भी हेलमेट चेक क‍िए जाएं। - चेकिंग के दौरान फैजाबाद पुलिस ने दारोगा की वर्दी में ब‍िना हेलमेट स्कूटी सवार युवती को रोका। बातचीत के दौरान पुल‍िस को शक हुआ। - पूछताछ में उसने अपने आप को लखनऊ के गोमतीनगर में पोस्टेड बताया। जांच में पता चला क‍ि न तो फैजाबाद, न लखनऊ में कोई संध्या त‍िवारी नाम की मह‍िला पोस्टेड है। उसका बैच नंबर भी फर्जी न‍िकला। इसके बाद उसे अरेस्ट कर ल‍िया गया। - पूछताछ में उसने अपना नाम संध्या त‍िवारी बताया, जो मूलरूप से गोंडा जिले की रहने वाली है। फैजाबाद में दारोगा बनकर क‍िराये के मकान में रहती है। - जब उसके कमरे की जांच की गई तो...

दिनदहाड़े सामूहिक दुष्कर्म, नौ दिन छिपाए रखी पुलिस ने घटना

भोपाल।  स्वतंत्रता दिवस की चाक चौबंद सुरक्षा इंतजामों के बीच एक महिला को दिनदहाड़े अगवा कर उसके साथ तीन लोगों ने दरिंदगी की। इस मामले को तत्परता से लेने के वजह पुलिस ने दबाए रखा। आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद अब महिला थाना पुलिस ने माना है कि महिला के साथ दुष्कर्म हुआ। घटना 14 अगस्त दोपहर साढ़े 12 बजे की बताई जा रही है। महिला थाना टीआई शिखा बैंस के अनुसार रातीबढ़ की रहने वाले एक 26 वर्षीय महिला की शादी हाथरस में हुई है। कुछ दिन पहले एक हादसे में पति के मौत के बाद वह अपने मायके आ रही थी। 14 अगस्त को सुबह दस बजे वह भोपाल स्टेशन पर उतरी। जहां से उसको रातीबढ़ अपने मायके जाना था। उसने स्टेशन के बाहर बस में सवार हुई और सुभाष नगर फाटक के पास उतर गई। जहां से वह एक मैजिक सवारी वाहन में सवार हो गई। उसमें और भी सवारियां बैठी थीं। अन्य सवारियों को उतारने के बाद ड्राइवर बिलाल और कंडक्टर समीर महिला को पूरे शहर में इधर- से उधर लेकर घूमते रहे। इस दौरान महिला ने उनको वाहन रोकने के लिए बोला, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी और जिंसी चौराहे से दोनों ने अपने एक और साथी आसिफ को भी मैजिक वाहन ...

छात्र नेताओं को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, एक का सिर फटा

रायपुर।  मनोनयन प्रक्रिया का विरोध करते हुए छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई छात्र नेताओं को पुलिस ने घेर कर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। इस दौरान एक छात्र का सिर फट गया, उसे 14 टांके लगे हैं, वह अस्पताल में भर्ती है। सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करने पर पुलिस ने एनएसयूआई रायपुर पश्चिम विधानसभा के अध्यक्ष विनोद कश्यप पर बलवा, 147 और 186 का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। एनएसयूआई ने अब प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है। उच्च शिक्षा विभाग ने मंगलवार को सभी विवि को छात्रसंघ चुनाव मनोनयन प्रक्रिया से कराने का आदेश जारी किया। इसका विरोध करते हुए 30 एनएसयूआई छात्र नेताओं ने बुधवार को दोपहर करीब 1 बजे पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के मुख्य गेट को बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुरानी प्रक्रिया यानी मतदान प्रणाली से चुनाव की मांग करते हुए जीई रोड पर आकर बैठ गए। इससे सड़क के दोनों ओर सौ-सौ मीटर तक जाम लग गया। पुलिस उन्हें सड़क से हटाने लगी तो झूमाझपटी हुई। इसी बीच एएसपी विजय अग्रवाल मौके पर पहुंचे फिर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भगदड़...

कॉलेज में सीटे बढ़ाने पर भी छात्रों को नहीं मिल रहा एडमिशन, कट ऑफ भी बढ़ाया

भोपाल। विभाग द्वारा सीटे बढ़ाए जाने के बाद भी छात्र-छात्राओं को एडमिशन नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही पाठ्यक्रमों में कट-ऑफ बढ़ाए जाने की भी मुसीबत समाने आ गई है। जिसके कारण जिन कॉलेजों में 50 फीसदी में भी बीकॉम मे एडमिशन मिल जाया करता था, वहीं आज 65 फीसदी से कम अंक वाले छात्रों को एडमिशन ही नहीं मिल पा रहा है।राजधानी के एमवीएम कॉलेज में सीएलसी में बीएससी पीसीएम का कट ऑफ करीब 70 प्रतिशत गया है। बीएससी के अन्य कॉबिनेशन के अधिकांश पाठ्यक्रमों का कट ऑफ भी 65 प्रतिशत तक गया है।  साथ ही जिनके अंक कम है, उन्हें वेटिंग लिस्ट में में रखा गया है।अगर छात्र रेगुलर स्टूडेंट के रूप में पढ़ना चाहते हैं तो उन्हें अल्पसंख्यक कॉलेज जैसे बीएसएसएस, सैफिया आदि में दाखिला लेना होगा। यही स्थिति नूतन, गीतांजलि और बनेजीर कॉलेज में भी बनी हुई है। अधिकांश कॉलेज में बीकॉम के कट ऑफ मार्क्स 60 प्रतिशत के ऊपर हैं। यही स्थिति बीएससी में भी बनी हुई है। सिर्फ बीकॉम ही क्यों यही हालत इंजीनियरिंग कॉलेजों, बीएससी करने वालों में भी देखने को मिल रहे है।ऐसे में उन छात्रों को सबसे ज्यादा दिक्कत आई है कि जिनके हायर सेकंड...

गोरखपुर में 48 मौतें होने के बाद फिर हुई 7 बच्चो की मौत , जिम्मेदार कौन ?

लखनऊ।  गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 48 मौतें होने के बाद शनिवार को राज्य सरकार ने वहां के प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र को निलंबित कर दिया। इस बीच अस्पताल में सात और मौतें हो गईं। इस तरह से कुल मरने वालों की संख्या 55 हो गई है। इस बीच त्रासदी की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल को घटना की जानकारी लेने गोरखपुर भेजा। शनिवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर भेजे गए अपने मंत्रियों सिद्धार्थनाथ सिंह और आशुतोष टंडन से रिपोर्ट ली और प्रेस कांफ्रेस बुलाकर कहा कि कोई भी मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है जो ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी की भूमिका की जांच करेगी। घटना को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है। कांग्रेस, सपा, बसपा ने इसके लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। घटना को लेकर कई जगह प्रदर्शन भी हुए। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, कमीशनखोरी, मेडिकल कॉलेज में प्रिंसिपल की पत्नी के दखल आदि तमाम आरोपों के बीच राज्य सरकार शनिवार सुबह हरकत ...

महिलाओं के लिए कठिन होती है राजनीति की डगरः नंदकुमार

व्यक्ति से बड़ा परिवार, परिवार से बड़ा समाज, समाज से बड़ा धर्म और उससे भी बड़ा राष्ट्रधर्म होता है। हमारे लिए इससे बड़ा और कुछ भी नहीं। यह मन भाजपा के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय का है। यह सही है कि राजनीति पुरूषों के लिए जितनी आसान है उतनी ही महिलाओं के लिए कठिन है। कठिनाई परिवार से शुरू होती है। परिवार का संचालन और देखभाल भी महिलाओं को करना पड़ता है। परिवार के साथ राजनीति में समय देना उसी तरह है जिस तरह सर्कस के कलाकार तार पर अपना संतुलन बनाकर चलते हैं। ठीक उसी तरह राजनीति में बहनों को कदम से कदम मिलाकर चलना पड़ता है। यह बातें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने रविवार को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। तो सरकार भी महिलाओं के लिए बराबर सोच रखती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महिलाओं की राजनीति में सक्रिय भागीदारी हो सके इसके लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित की है और यह एक बड़ी उपलब्धि है। सामाजिक परिवर्तन में महिलाओं की ह...

अंतिम समय में निरस्त हुआ सीएम का आगमन, महिला मोर्चा मायूस

मप्र के मुखिया व प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रीवा आने को लेकर दो दिनों से चल रही अटकलों के बीच रविवार की सुबह उस समय प्रशासन और भाजपा महिला मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी मायूष हो गईं जब सुबह साढ़े 10 बजे सूचना प्राप्त हुई कि मुख्यमंत्री का रीवा दौरा कार्यक्रम किसी कारण स्थगित कर दिया गया है। जबकि इसके पूर्व तक प्रशासन के आलाधिकारी और भाजपा कार्यकर्ता तैयारी में जुटे हुए थे। पुलिस कन्ट्रोल रूम में जिले के एक दर्जन से ज्यादा पुलिस अधिकारी एवं दो सैकड़ा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था। चोरहटा हवाई पट्टी से लेकर राजनिवास तक चप्पे-चप्पे में पुलिस बल तैनात किए जाने सहित नाकेबंदी भी की गई थी। भाजपा कार्यालय पुलिस छावनी में तब्दील रहा। लेकिन जैसे ही भोपाल से सूचना प्राप्त हुई कि मुख्यमंत्री रीवा नहीं आ रहे हैं प्रशासन जहां अपनी तैयारी को तोड़कर जगह-जगह लगाए गए बैरीकेट्स एवं की गई नाकेबंदी को हटाने लगा वहीं भाजपा कार्यालय में चल रही बैठक में मौजूद महिला मोर्चा की भाजपा नेत्रियों में भी मुख्यमंत्री के न आने को लेकर मायूषी साफ नजर आ रही थी। नंदकुमार ने पूरी की कमी हालांकि इ...